Wednesday, September 9, 2020

URL क्या है और कैसे काम करता है- Hindi knows

URL क्या है (What is URL )

क्या आप URL शब्द से परिचित हैं? अगर आप इन्टरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो हम guarantee से यह कह सकते हैं कि आपने “URL” के बारे में जरुर सुना होगा और देखा भी होगा। आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि URL क्या है (What is URL in Hindi) और इसके 3 सबसे महत्वपूर्ण Parts कौन से हैं? तो यह जानने के लिये आज के इस article को पूरा पढ़ें।




URL का पूरा नाम (Uniform Resource Locator)  Internet  पर WWW (World Wide Web) द्वारा दिखाये जाने वाले Web Page या Website एक अलग पहचान देने के लिए प्रत्येक Web site को एक नाम दिया गया है। उस नाम को Web site भाषा मे URL कहा जाता है। और प्रत्येक web page में दुसरे web page का link होता है।
यह link एक Hyper Text के रूप में होता है जिस पर माउस click करके हम एक page से दुसरे page, दुसरे से तीसरे आदि तक पहुंच सकते है। यह link भी वास्तव में किसी web का URL ही होता है।
 

URL की खोज किसने की थी
हमने या तो जान लिया कि URL क्या है पर क्या आपको पता है कि URL की खोज किसने की थी? Tim berner Lee ने 1914 में यूआरएल की खोज की थी।

 
URl को कुछ इस प्रकार से बनाया गया है जिससे कि लोग उससे बहुत ही आसानी से याद रख सके लेकिन कंप्यूटर को सही वेबसाइट पहचान करने में information चाहिए, जिससे कि वो बहुत आसानी से वेबसाइट का पता लगा सके। परन्तु कंप्यूटर हमारी भाषा नहीं जनता इसके लिए हमारा Browser किसी भी web page को निकलने के लिए एक IP address का इस्तेमाल करता है। जिसे internet protocol कहते है IP address numbers का एक सीरिज़ होता है। जो कि कुछ इस प्रकार दिखाई देता है-48.254.452.15 

Url कैसे काम करता है?

इंटरनेट पर उपलब्ध प्रत्येक Website का एक यूनिक IP Address (Internet Protocol) होता है। जो की Numerical होता है।जब हम किसी भी URL को Browser में Search करते है। तो Browser उस Url को DNS की मदद से IP Address में बदल देता है। और उस वेबसाइट के Server पर पहुँच जाता है। और वहाँ से सुचना हमे Provide करवाता है।

लेकिन IP Address याद रखना बहुत ही मुश्किल होने के कारण DNS सिस्टम का उपयोग किया गया। जिससे हम किसी भी वेबसाइट तक बहुत ही आसानी से पहुँच सकते है।जैसे- Google.com, yahoo.com, Bing.com, Amazone.com, Flipkart.com का Ip Address 216.58.194.206., 98.138.219.232., 13.107.21.200., 87.238.85.156. ,199.59.242.153. है।

तो आप सोच सकते है। की इन IP Addresses को याद रखना कितना मुश्किल होता है। आप चाहे तो IP एड्रेस को Browser में सर्च करके वेबसाइट तक पहुँच सकते है।

यूआरएल के प्रकार- Types of Url

protocol designation
address or host name
resource location (file)
URL के फॉर्मेट में सबसे पहले protocol आता है और उसके बाद 3 special characters "://" आते हैं फिर host और उसके बाद file का location आता है।
 

जैसे कि आप हमारी website का url  https://www.thegreatinfo.in को देखें। जिसमें सबसे पहला भाग https है जो कि एक protocol है और उसके बाद www.thegreatinfo.in है, जिसे कि resource location यानी कि domain कहते हैं।
अब हम आपको इन sub strings के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

Protocol sub string 
सामान्य तौर पर दो तरह के प्रोटोकॉल होते हैं। इसका इस्तेमाल URL में किया जाता है। "http" और "https" यह दो URL के प्रोटोकॉल है। हर वेबसाइट के URL के आगे इन दोनों प्रोटोकॉल में से कोई एक होता है।

Host or address sub string
Host और address में domain यानी कि resource का नाम आता है। इसकी मदद से यह पता लगाया जाता है कि resource को कौन से server से लाना है।
 
Resource locator
 URL के सबसे आखिरी और last वाला भाग resource locator का होता है जो कि किसी file का path बताता है।
 

URL कैसे ऑपन करें?

यूआरएल को ओपन करने के लिए हाईपरलिंक्स का उपयोग होता हैं. आप किसी भी वेबपजे पर उपलब्ध हाईपरलिंक पर क्लिक/टैप करके यूआरएल को ओपन कर सकते हैं. आपके सामने उस यूआरएल से जुडा हुआ संसाधन डाउनलोड हो जाता है.

जब किसी यूआरएल को हाईपरलिंक से नहीं जोडा जाता है तो वहां पर हम यूआरएल को खुद सर्च बॉक्स में टाईप करके भी ओपन कर सकते हैं.Printed Materials (पत्रिकाएं, अखबार, किताबें आदि) पर यूआरएल को QR Code के जरिए भी ओपन किया जा सकता हैं. यह एक खास तकनीक है जिसके द्वारा कागज पर उपलब्ध यूआरएल को स्मार्टफोन के जरिए ओपन करने की सुविधा होती है आपको यूआरएल टाईप नहीं करना हैं. बस QR Code Scanner की सहायता से कोड स्कैन करना हैं.


URL Shortening क्या होता है ?
URL shortening एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक URL को लंबाई में काफी कम किया जा सकता है और फिर उसके बाद भी आवश्यक पेज पर निर्देशित (direct) किया जा सकता है। URL shortener की कई सारी services उपलब्ध हैं। जबकि कई तो free हैं, और कुछ Web analytics जैसी क्षमताओं की पेशकश करते हैं और शुल्क लेते हैं। URL shortener पेश करने वाली कंपनियों में Rebrandly, Bitly, Ow.ly, clicky.me, Budurl.com शामिल हैं।


 
आज के इस लेख में आपने सीखा कि URL क्या होता है (what is url in Hindi), यूआरएल कैसे काम करता है, और यूआरएल कितने प्रकार के होते हैं (types of url in Hindi), यूआरएल का फुल फॉर्म क्या है, url meaning in Hindi. और यूआरएल से जुड़ी सभी जानकारी आपको इस लेख में provide कराई गई है।
 
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